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अठूरवाला विस्थापन पर फिर टली बात,संघर्ष समिति और यूकाडा की बैठक रही निष्फल।

ग्रामीण बोले अब नहीं चाहिए भरोसे के वादे, दो ज़मीन के बदले ज़मीन।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत अठूरवाला क्षेत्र के विस्थापन मुद्दे पर मंगलवार को जॉलीग्रांट स्थित टिहरी गेस्ट हाउस में यूकाडा (UCAADA) अधिकारियों और अठूरवाला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवज़े और भूमि आवंटन को लेकर लंबी चर्चा चली, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।

संघर्ष समिति ने मांग रखी कि अधिग्रहीत भूमि के बदले प्रत्येक प्रभावित परिवार को ज़मीन दी जाए, सर्किल रेट समान किया जाए, छूटे हुए नौ परिवारों को अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल किया जाए और नक्शा स्वीकृति की बाध्यता समाप्त की जाए। समिति ने यह भी कहा कि हर वयस्क व्यक्ति को अलग कुटुंब मानते हुए पुनर्वास का अधिकार दिया जाए।

यूकाडा अधिकारी संजय टोलिया ने बताया कि विस्थापितों की समस्याओं पर शासन स्तर पर गंभीरता से विचार हो रहा है। समिति की सभी मांगों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी, ताकि शीघ्र समाधान निकाला जा सके।

वहीं समिति अध्यक्ष मनजीत साजवान ने कहा कि अठूरवाला के लोग वर्षों से विकास की कीमत अपने घरों और खेतों से चुका रहे हैं। अब यह सिर्फ विस्थापन नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

बैठक में एसडीएम अपर्णा ढोडियाल, ध्यान सिंह सजवान, धर्मेंद्र सिंह सजवान, युद्धवीर सिंह, विक्रम सिंह, गोपाल सिंह, हुकम सिंह पंवार, विमला देवी, कमला देवी, सुशीला देवी समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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