अतिक्रमण पर चला पीला पंजा, कड़ाके की सर्दी में बेघर हुए परिवार पर उठा सवाल।
भानियावाला में कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, मानवीय पहलू को लेकर बढ़ी चर्चा।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भानियावाला क्षेत्र में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक सख्ती के साथ मानवीय दृष्टिकोण को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अवैध रूप से बने मकान को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि संबंधित भूमि सरकारी थी और उस पर अतिक्रमण किया गया था। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एम.एल. शाह के अनुसार कोर्ट के निर्देशों के क्रम में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी नगर पालिका क्षेत्र में कई अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं और आगे भी सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा।
राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार आर.एस. रावत ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में भूमि सरकारी दर्ज है और नियमानुसार अतिक्रमण हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर तैनात रही।
कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कड़ाके की ठंड में प्रभावित परिवार को कुछ समय की मोहलत दी जानी चाहिए थी। इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि प्रशासन का रवैया एकतरफा नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब और कमजोर वर्ग पर तुरंत पीला पंजा चला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में मकान तोड़ने से पहले प्रभावित परिवार को कुछ दिन की मोहलत देकर वैकल्पिक व्यवस्था करने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
मकान में रहने वाले जावेद खान ने बताया कि मामले में अदालत में अगली सुनवाई की तारीख 24 जनवरी तारीख तय थी, इसके बावजूद प्रशासन ने मकान को तोड़ दिया, जिससे कड़कड़ाती ठंड के मौसम में उनके परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इस मौके काफी संख्या आस पास भीड़ जमा रही और पुलिस बल भी तैनात रहा।



