महाभारत के धर्म संदेशों से सजेगा अठूरवाला, लोकनाट्य में दिखेगा धर्म और वीरता का संग्राम।
11 जनवरी को कोटी अठूरवाला में सांस्कृतिक महोत्सव, चमोली से आएंगे 40 कलाकार।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला एक बार फिर लोकसंस्कृति और पौराणिक परंपराओं के जीवंत रंगों से सराबोर होने जा रहा है। अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति द्वारा 11 जनवरी को राजकीय इंटर कॉलेज, कोटी अठूरवाला में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम महाभारत के अमर प्रसंगों को जनमानस के बीच प्रस्तुत करेगा। आयोजन की रूपरेखा को लेकर बुधवार को पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि कार्यक्रम दोपहर से आरंभ होगा, जिसमें महाभारत के प्रेरणादायी प्रसंगों को लोकनाट्य, नृत्य और संवाद के माध्यम से मंच पर उतारा जाएगा। अभिमन्यु के चक्रव्यूह प्रवेश से लेकर पांडवों के सामूहिक नृत्य और अर्जुन की जयद्रथ वध प्रतिज्ञा तक, हर दृश्य दर्शकों को धर्म, साहस और कर्तव्यबोध का संदेश देगा।
कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाने के लिए चमोली जनपद से लगभग 40 अनुभवी कलाकारों की टीम अठूरवाला पहुंचेगी। पारंपरिक वेशभूषा, सजीव अभिनय और लोकसंगीत के साथ कलाकार महाभारत काल की अनुभूति कराएंगे।
सांस्कृतिक अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। महाभारत केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों का दर्पण है, जिसे मंचन के माध्यम से समाज तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर सांस्कृतिक धरोहर के इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक ममता कुंवर, रणवीर सिंह गुसाई, जस्सू,राजेश कुंवर आदि मौजूद थे।



