केंद्र की नीतियों के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार, डोईवाला में किया प्रदर्शन। उधम सिंह नगर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग।
बीज कानून 2025 और बिजली कानून 2025 को बताया किसान विरोधी।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को डोईवाला में किसानों ने प्रतिरोध दिवस मनाया। इस दौरान किसानों ने गन्ना समिति स्थित किसान भवन से तहसील मुख्यालय तक जुलूस निकालकर जोरदार नारेबाजी की और उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
तहसील परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह (ताज) ने कहा कि प्रस्तावित बीज कानून 2025 और बिजली कानून 2025 किसानों के हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने इन कानूनों को तत्काल वापस लेने के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग की।
उत्तराखंड किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी को समय की आवश्यकता बताते हुए सरकार से ठोस निर्णय लेने की अपील की। वहीं किसान सभा के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह और पूर्व गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने उधम सिंह नगर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
सीआईटीयू के जिलाध्यक्ष कृष्ण गुनियाल ने श्रम संहिताओं को वापस लेने और मनरेगा को और अधिक मजबूत किए जाने पर जोर दिया। किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह और जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में सरजीत सिंह, गुरपाल सिंह, प्रेम सिंह पाल, भविंद्र सिंह, पूरन सिंह, ज्ञान सिंह, सरदार गुरचरण सिंह, सिंगाराम, अवतार सिंह, बलवीर सिंह, जाहिद अंजुम, उमेद बोरा, फुरकान अहमद कुरैशी, एडवोकेट साकिर हुसैन, याकूब अली सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



