चार दिवसीय छठ पर्व आरंभ, बाजारों में छठ सामग्री की खरीदारी से लौटी रौनक
व्रतियों ने की बांस की टोकरियां, सुप, दौरे और पूजन सामग्री की खरीद — दुकानदार बोले, हर घर में दिखी श्रद्धा और उत्साह की झलक।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
पूर्वांचल की लोकआस्था का प्रतीक छठ पूजा शनिवार से विधिवत रूप से आरंभ हो गया। चार दिवसीय इस महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने व्रत की शुरुआत की। पर्व के आरंभ के साथ ही डोईवाला बाजार में छठ पूजा की सामग्री की खरीदारी को लेकर जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालु परिवारों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानों पर बांस की टोकरियां, दौरे, सूप, डलिया, नारियल, गन्ना, नींबू, सिंघाड़ा, केला, नारंगी, लाल कपड़ा, दीपक, अगरबत्ती, मिट्टी के कलश और ठेकुआ बनाने की सामग्री की खरीदारी होती रही। हर ओर छठ गीतों की गूंज और श्रद्धालुओं के उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
स्थानीय दुकानदार प्रवीण अरोड़ा ने बताया कि छठ पूजा के मौके पर बाजार में बांस की टोकरियों, सुप और दौरे की सबसे अधिक मांग रहती है। श्रद्धालु पारंपरिक पूजन सामग्री को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बार पहले की अपेक्षा खरीदारों की संख्या भी अधिक है।
श्रद्धालु अवधेश कुमार और राम बहादुर साहनी ने कहा कि छठ पूजा पूर्वांचल की आस्था और अनुशासन का प्रतीक पर्व है। हर घर में छठी मइया के गीतों की ध्वनि गूंज रही है।
श्रद्धालु लल्लन साहनी ने बताया कि यह पर्व लोक और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश देता है। श्रद्धालु पूरे अनुशासन और पवित्रता के साथ तैयारियां कर रहे हैं।
वहीं गणेश यादव ने कहा कि सॉन्ग नदी तट पर श्रद्धालु घाटों की सफाई में लगे हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि जल और प्रकाश व्यवस्था समय से पूरी की जाए।
डोईवाला बाजार में इन दिनों पूजा सामग्री, फल-सब्जी और बांस की वस्तुओं की बिक्री में वृद्धि हुई है। श्रद्धालु परिवारों ने बताया कि खरना से पहले दिन तक पूजन सामग्री पूरी कर ली जाएगी ताकि रविवार को सूर्य अर्घ्य की तैयारी सुचारू रूप से की जा सके।



