एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ना मूल्य, सिंचाई व बिजली समस्याओं को लेकर किसानों ने उठाई आवाज।
भाकियू (टिकैत) ने किसानों की मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और केंद्र सरकार से एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और किसानों ने जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नायब तहसीलदार आर.एस. रावत को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा।
इसके साथ ही मारखम ग्रांट, माजरी ग्रांट, शिमला ग्रांट, दूधली एवं पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों से किसानों और आम जनता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
किसानों ने निराश्रित गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजने, सिंचाई के लिए किसानों के ट्यूबवेलों की बिजली निःशुल्क करने, शुगर मिलों के भविष्य को सुरक्षित करने तथा गन्ना आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी देने और पूर्व में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित कर चुके किसानों को भी सब्सिडी का लाभ दिए जाने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने एमएसपी की गारंटी सहित किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे।
संगठन के पदाधिकारी अजीत सिंह प्रिंस ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन सरकार को किसानों के हित में ठोस और समयबद्ध निर्णय लेने होंगे।
इस मौके पर इंद्रजीत सिंह लाडी, विनोद त्यागी, परमजीत सिंह, श्रवण सिंह, यशपाल सिंह, अजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, कमल सिंह, राजकुमार, अब्दुल हमीद, मुमताज अली, प्रताप सिंह, मेहताब,रमजान आदि मौजूद रहे I



