एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर उबाल, प्रभावितों ने कहा—पहले न्याय, फिर विकास।
सात-आठ परिवारों को सूची से बाहर रखने पर फूटा गुस्सा, 15 नवंबर के बाद होगी निर्णायक बैठक।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर गुरुवार को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें प्रभावितों की समस्याओं और मुआवजे से जुड़ी मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास योजनाओं का विरोध नहीं करते, लेकिन पहले उन्हें न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
ग्रामीणों ने जमीन के बदले जमीन देने, सर्किल रेट बढ़ाने और सभी प्रभावित परिवारों को सूची में शामिल करने की मांग दोहराई।
अठूरवाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनजीत सजवान ने बताया कि सात-आठ परिवार ऐसे हैं जिन्हें अब तक प्रभावितों की सूची में शामिल नहीं किया गया है, जबकि उनकी भूमि भी परियोजना के दायरे में आती है। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में सर्किल रेट बढ़ाए जा चुके हैं, लेकिन हमारे क्षेत्र में पुराने दर ही लागू हैं, जो न्यायसंगत नहीं हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को पहले न्यायसंगत मुआवजा और समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करना चाहिए।
एसडीएम अपर्णा ढोडियाल ने बताया कि यूकाडा और संबंधित विभागीय अधिकारियों से बातचीत जारी है। सर्किल रेट संशोधन के लिए फाइल एडीएम कार्यालय को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर के बाद एक विस्तृत बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी प्रभावित परिवारों की उपस्थिति में निर्णय लिया जाएगा।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर न्यायपूर्ण समाधान निकालेगा।
इस अवसर पर विपुल सजवान, बादल सजवान, सोनू सजवान, राहुल सजवान सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।



