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एसआरएचयू जौलीग्रांट में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान और नवाचार की गूंज। “विज्ञान में महिलाएंः विकसित भारत के निर्माण की प्रेरक शक्ति” थीम पर वाद-विवाद व क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमायलन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 उत्साह के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “विज्ञान में महिलाएंः विकसित भारत के निर्माण की प्रेरक शक्ति” के तहत आयोजित कार्यक्रम में विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की निर्णायक भूमिका तथा विकसित भारत के निर्माण में उनके योगदान पर व्यापक चर्चा की गई।
शनिवार को रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल की ओर से स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समालोचनात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने हेतु वाद-विवाद एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गईं। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत में महिलाओं के रोजगार के अवसरों को पुनर्परिभाषित करेगा” रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने एआई के बदलते प्रभाव, संभावनाओं और चुनौतियों पर तार्किक एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज की वैभवी सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि आस्था असवाल द्वितीय स्थान पर रहीं। क्विज प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विविध विषयों पर अपनी ज्ञान-क्षमता का प्रदर्शन किया। इसमें एम.एससी. मेडिकल फिजिक्स, हिम्स के शिशिर कुमार, अवनीश कुमार और प्रशांत अग्रवाल की टीम विजेता रही, जबकि श्वेता चौहान, अवनीश तिवारी और आर्यन नौटियाल की टीम उपविजेता बनी। मुख्य अतिथि एसआरएचयू के प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को क्रमशः 3000 एवं 2000 रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया। उन्होने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में विज्ञान में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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