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एसआरएचयू में विज्ञान में महिलाओं एवं लड़कियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस आयोजित।

प्रो. आशुतोष शर्मा ने दृष्टिकोण से प्रभाव की ओर बढ़ने का दिया संदेश।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट में विज्ञान में महिलाओं एवं लड़कियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं को याद किया गया।।
बुधवार को आदि कैलाश सभागार में रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. स्वामी राम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि अब समय विज़न (दृष्टिकोण) से आगे बढ़कर इम्पैक्ट (प्रभाव) पैदा करने का है। उन्होने कहा कि विज्ञान में महिलाओं के लिए केवल दरवाजे खोलना काफी नहीं है, बल्कि एक ऐसा ईको सिस्टम बनाना जरूरी है जहाँ वे नेतृत्व कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि जब विज्ञान में विविधता होती है, तो नवाचार अधिक प्रभावी और मानवीय होता है। उन्होने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में महिलाओं की संख्या बढ़ाना केवल समानता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति के लिए भी आवश्यक है। इससे पूर्व एसआरएचयू के महानिदेशक शैक्षणिक विकास डॉ. विजेन्द्र चौहान व सलाहकार डॉ. प्रकाश केशवया ने शॉल ओढ़ाकर मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। इस अवसर पर डीन एसपीएस डॉ. प्रीति कोठियाल ने कहा कि यह दिवस महिलाओं और लड़कियों के लिए विज्ञान तक पूर्ण और समान पहुंच और भागीदारी को बढ़ावा देने का एक अवसर है। निदेशक रिसर्च सेल डॉ. बिन्दू डे ने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं और लड़कियां विज्ञान और प्रौद्योगिकी समुदायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के डीन, प्रींसिपल व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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