गुरबाणी की धुनों से भक्ति में लीन हुई संगत, हर दिल में जगाई मानवता और सेवा की लौ।
गूंजे ‘सतनाम श्री वाहेगुरु’ के स्वर, गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाशोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, प्रेमनगर बाजार में भव्य शब्द कीर्तन समारोह का आयोजन किया गया।
सुबह से ही संगत का तांता लग गया, और पूरा गुरुद्वारा परिसर ‘सतनाम श्री वाहेगुरु’ के पवित्र स्वर से गूंज उठा।
दरबार साहिब अमृतसर से पधारे रागी जत्था यादवेंद्र सिंह और उनकी संगत ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष नतमस्तक होकर अरदास की और गुरु नानक देव जी के उपदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
साबका जत्थेदार तख़्त श्री दमदमा साहिब से आए ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव महाराज के उपदेश मानवता के अमर दीप हैं, जो हमें सच्चाई, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रकाश पर्व प्रेम, एकता और करुणा का संदेश फैलाने का माध्यम है।
ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने सिखाया कि धर्म का सार मानव सेवा और समानता में है। आज के समय में उनके विचार समाज को दिशा देने वाले हैं।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान गुरदीप सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने पूरे संसार को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ इंसान को आपसी प्रेम और एकता की राह दिखाती हैं।
इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, जगदीप सिंह, हरविंदर सिंह, हरदीप सिंह, सरवन सिंह, रणजीत सिंह, गुरदीप सिंह, जसविंदर सिंह पप्पी, अमरजीत सिंह, जनरल सिंह, परमजीत कौर, परविंदर कौर, मलकीत कौर, कमलजीत कौर, भजन सिंह आदि भारी संख्या में संगत मौजूद रही



