छात्र-छात्राओं से महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से प्रेरणा लेने का किया आह्वान।
अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद बिरसा मुंडा के जीवन पर एक कार्यक्रम आयोजन।।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद बिरसा मुंडा के जन्म की 150 वीं वर्षगांठ के अवसर को शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर भारत के अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद बिरसा मुंडा के जीवन पर एक ‘टाउन हॉल कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के अवसर पर बिरसा मुंडा के भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान का स्मरण किया गया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए महाविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. संजीब सिंह नेगी ने बिरसा मुंडा के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के साथ-साथ आदिवासियों के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया।
इस अवसर पर ‘जनजाति समाज भारतीय सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न अंग’, ‘स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति समाज एवं नेताओं की भूमिका’, ‘जनजाति ज्ञान पद्धति’, ‘जनजाति जीवन का सांस्कृतिक पक्ष’ विषयों पर एक परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
इस परिचर्चा और प्रतियोगिता के अंत में अरुण तिवारी, बीए, प्रथम सेमेस्टर को तृतीय स्थान, मो. अनस, बीए, प्रथम सेमेस्टर को द्वितीय स्थान और मनीष चमोली, बीएससी, तृतीय सेमेस्टर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
इस प्रतियोगिता में प्रिंस शर्मा और अश्विनी ने भी प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डीपी भट्ट द्वारा की गई। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रम की महत्ता को रेखांकित करते हुए छात्र-छात्राओं से महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने ‘जनजाति समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. इंदिरा जुगरान, डॉ. पंकज पांडे, डॉ. राखी पंचोला, डॉ. शशिबाला उनियाल, डॉ. अनुराग भंडारी, डॉ. भावना जोशी के साथ-साथ अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राकेश जोशी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेखा नौटियाल द्वारा किया गया।



