डोईवाला का बीज शोधान केंद्र बना दिखावा, जमीनी हकीकत शून्य लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद वर्षों से बंद है कृषि विभाग का केंद्र।
रखरखाव के अभाव में मशीनें बेकार, किसानों को नहीं मिल रहा शोधित बीज।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण व शोधित बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डोईवाला में स्थापित बीज शोधान केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से बने इस केंद्र की गतिविधियां केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र में स्थापित आधुनिक मशीनें लंबे समय से उपयोग में नहीं लाई गईं, जिससे वे धूल फांक रही हैं। रखरखाव के अभाव में मशीनों के खराब होने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों का कहना है कि यदि यह केंद्र समय पर संचालित होता तो उन्हें स्थानीय स्तर पर उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सकता था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते उन्हें आज भी निजी दुकानों और बाहरी बाजारों का सहारा लेना पड़ रहा है।
कृषक फेडरेशन डोईवाला के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान उमेद बोरा ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी योजनाएं तो बनाते हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि बीज शोधान केंद्र को तत्काल शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस संबंध में मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि केंद्र में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है तथा पानी के कनेक्शन की प्रक्रिया भी चल रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बीज शोधान केंद्र को शीघ्र ही संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र के संचालन को लेकर विभिन्न समूहों को प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।



