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तीसरी बार उजड़ने की कगार पर अठूरवाला, विस्थापितों ने कहा—अबकी बार नहीं सहेंगे अन्याय।

एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में अठूरवाला संघर्ष समिति का प्रदर्शन, ज़मीन के बदले ज़मीन और समान मुआवज़े की मांग।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला जोगियाना क्षेत्र में एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने अठूरवाला संघर्ष समिति के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर उन्हें तीसरी बार उजड़ने की कगार पर ला दिया गया है। इस बार वे बिना उचित मुआवज़े और पुनर्वास के पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

समिति के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहीत भूमि के बदले प्रत्येक प्रभावित परिवार को ज़मीन दी जाए, जिससे उनका पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। प्रदर्शनकारियों ने हिमालयन चौक से लेकर पुलिस चौकी जौलीग्रांट तक सर्किल रेट समान करने की भी मांग रखी, ताकि मुआवज़े में कोई भेदभाव न रहे।

ग्रामीणों ने कहा कि जिन नौ परिवारों को अब तक अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है, उन्हें तत्काल जोड़ा जाए। साथ ही विस्थापितों के नए मकान, दुकान, बारात घर या होमस्टे निर्माण में नक्शे की स्वीकृति की बाध्यता समाप्त की जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि हर वयस्क व्यक्ति को अलग कुटुंब मानते हुए पुनर्वास किया जाए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

समिति के अध्यक्ष मनजीत साजवान ने कहा कि “अठूरवाला के लोग वर्षों से विकास की कीमत अपने घरों और ज़मीन से चुका रहे हैं। अब यह केवल विस्थापन नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। हम विकास के विरोधी नहीं, परंतु सम्मानजनक पुनर्वास और उचित मुआवज़ा हमारा अधिकार है। जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

धरना प्रदर्शन में ध्यान सिंह सजवान, धर्मेंद्र सिंह सजवान, राम सिंह सजवान, युद्धवीर सिंह, विक्रम सिंह, गोपाल सिंह, हुकम सिंह पवार, विमला, उर्मिला, कमला, लक्ष्मी, सुशीला, दिनेश, राजेश्वरी, ममता, खेम सिंह, नरेंद्र सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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