ओएनजीसी की पहल से युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार।
सिपेट में चल रहे आवासीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्रों को वितरित की गई प्रशिक्षण किट।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा प्रायोजित आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सिपेट में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण सामग्री एवं प्रशिक्षण किट का वितरण किया गया। प्रशिक्षण किट में यूनिफॉर्म, बैग, जूते सहित प्रशिक्षण से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री शामिल रही।
कार्यक्रम में ओएनजीसी देहरादून के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी कौशल ही रोजगार की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ यदि युवा आगे बढ़ें, तो उनके लिए रोजगार के अनेक द्वार खुल सकते हैं। ओएनजीसी समाज के हर वर्ग तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिपेट के निदेशक डॉ. प्रताप चंद्र पाढ़ी ने बताया कि यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करने पर केंद्रित है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सिपेट के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
वीटीसी विभाग के प्रमुख पंकज फुलारा ने ओएनजीसी के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि ओएनजीसी और सिपेट के संयुक्त प्रयासों से अल्पशिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जो समाज के लिए एक सराहनीय पहल है।
कार्यक्रम का मंच संचालन समीर पुरी ने किया।
इस अवसर पर राहुल तड़ियाल, नवजीत कौर, शैलेश गौतम, जे. पी. शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



