ग्रामीण इलाकों में भालू की सक्रियता पर वन विभाग की सख्ती, लगाया पिंजरा।
हमले के बाद बढ़ी चौकसी, वन विभाग की गश्त तेज, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
ग्राम पंचायत गुडूल ग्राम सौढ़ (कैमठ) क्षेत्र में 18 दिसंबर को हुए भालू के हमले के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। क्षेत्र में भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था, जिसे देखते हुए वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित किया है।
वन विभाग द्वारा भालू की आवाजाही वाले संभावित स्थानों, खेतों और जंगल से सटे इलाकों में पिंजरा लगाया गया है। इसके साथ ही दिन-रात निगरानी बढ़ाते हुए नियमित गश्त भी की जा रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। ग्रामीणों को विशेष रूप से सुबह और शाम के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
थानों वन क्षेत्राधिकारी एन. एल. डोभाल ने बताया कि भालू के हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पिंजरे के साथ-साथ कैमरे और निगरानी टीम की मदद से क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है। भालू के पकड़े जाने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। पिंजरा लगाए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी समाधान की मांग भी की है।



