पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, उन पर हमला है असहनीय अपराध।
महिला पत्रकार सीमा रावत पर हमला करने वाले अधिकारी को दिखाया जाए बाहर का रास्ता।
डोईवाला देहरादून।
महिला पत्रकार सीमा रावत पर हुए कथित हमले के विरोध में पत्रकार जगत में आक्रोश व्याप्त है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को तुरंत उनके पदों से हटाकर “बाहर का रास्ता” दिखाया जाना चाहिए।
पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ हैं और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाते हैं। यदि पत्रकारों को डराया या दबाया जाएगा तो यह सीधे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला होगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकार के साथ अभद्रता या हिंसा किसी भी दृष्टि से बर्दाश्त योग्य नहीं है।
पत्रकार महेंद्र चौहान,संजय अग्रवाल,चंद्रमोहन कोठियाल,संजय शर्मा,राजेंद्र वर्मा,प्रीतम वर्मा, रजनीश सैनी,ऋतिक अग्रवाल, आरती वर्मा,जावेद हुसैन,ओंकार सिंह,भारत गुप्ता,विजय शर्मा,चमनलाल कौशल,विक्रांत वर्मा,पवन सिंघल,आशिफ हुसैन ने प्रशासन से मांग की कि सीमा रावत पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।



