देशभर के 11 एटीएसईपी प्रतिभागी होंगे शामिल; संचार, मार्गदर्शन और निगरानी प्रणाली में बढ़ेगी दक्षता।
तकनीकी मजबूती की ओर बड़ा कदम — जॉलीग्रांट में शुरू हुआ उन्नत ‘सीएनएस प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम’।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भारतीय विमानन तकनीकी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक सेफ्टी इलेक्ट्रॉनिक्स कर्मियों (एटीएसईपी) के लिए पहला सीएनएस—संचार, मार्गदर्शन एवं निगरानी प्रणाली प्रबंधन पाठ्यक्रम आज से प्रारंभ हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 21 नवंबर 2025 तक एटीएस भवन में आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में हवाई अड्डा निदेशक बी.सी.एच. नेगी और संयुक्त महाप्रबंधक (सीएनएस) दीपक चमोली ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय विमानन सुरक्षा और तकनीकी दक्षता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम है। कार्यक्रम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह प्रशिक्षण अनुभवी कार्यस्थल प्रशिक्षण प्रशिक्षकों और एटीएसईपी अधिकारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के संयोजक आनंद गुप्ता, सहायक महाप्रबंधक (सीएनएस), ने बताया कि यह कार्यक्रम विमानन संचार व निगरानी प्रणालियों की उपलब्धता, कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही हवाई अड्डा संचालन को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप लाने में भी सहायक होगा।
देश के विभिन्न हवाई अड्डों से आए 11 एटीएसईपी प्रतिभागी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाठ्यक्रम विमानन संचार, मार्गदर्शन और निगरानी प्रणाली के प्रबंधन में नई तकनीकी दक्षता विकसित करेगा, जिससे हवाई यातायात संचालन की सुरक्षा, समन्वय और विश्वसनीयता को और मजबूती प्राप्त होगी।
देहरादून हवाई अड्डे में आयोजित यह पहला सीएनएस प्रबंधन पाठ्यक्रम भारतीय विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुधार और सुरक्षा उन्नयन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।



