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पालिका बोर्ड बैठक में बड़ा सियासी बवाल, भाजपा दो धड़ों में बंटी, कांग्रेस सभासदों की भाजपा सभासद के कार्यालय में भाजपा और कांग्रेस सभासदों की हुई गोपनीय बैठक की खुली पोल।

विकास कार्यों पर चर्चा के बजाय राजनीति हावी, बोर्ड बैठक में 15 सभासदों की गैरहाजिरी से बैठक स्थगित। बोर्ड बैठक पहुंचे थे सिर्फ पांच सभासद। पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा शीघ्र कराई जाएगी बोर्ड बैठक।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला नगर पालिका सभागार में आज प्रस्तावित नगर पालिका बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक सियासी खींचतान और आपसी गुटबाजी की भेंट चढ़ गई। बैठक का उद्देश्य नगर पालिका क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान और आगामी योजनाओं को लेकर सभासदों के साथ विचार-विमर्श करना था, लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही राजनीतिक समीकरण बिगड़ते नजर आए।
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सभासद बैठक के दौरान दो स्पष्ट धड़ों में बंटे दिखाई दिए। हालात उस समय और दिलचस्प हो गए जब कांग्रेस सभासद भी भाजपा के एक धड़े के साथ खड़े नजर आए। इससे नगर पालिका की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म मिल गया और बैठक का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया।

बैठक को लेकर सबसे गंभीर स्थिति तब सामने आई जब कुल सभासदों में से 15 सभासद बोर्ड बैठक में पहुंचे ही नहीं। केवल पांच सभासदों की उपस्थिति के चलते बैठक अपने निर्धारित एजेंडे पर चर्चा नहीं कर सकी। इतने बड़े स्तर पर सभासदों की गैरहाजिरी ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी साफ तौर पर देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिन मतदाताओं ने भरोसा जताकर सभासदों को चुना है, वही जनप्रतिनिधि अब बोर्ड बैठक जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अपनी बपौती समझने लगे हैं। नगर के विकास, सड़क, पानी, सफाई और प्रकाश जैसी मूलभूत समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय राजनीति करना जनता के साथ अन्याय है।
नगर पालिका सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जाने थे, जिनमें वार्डों में विकास कार्यों की स्वीकृति और लंबित समस्याओं के समाधान पर चर्चा शामिल थी। लेकिन सभासदों की अनुपस्थिति और गुटबाजी के कारण ये प्रस्ताव अधर में लटक गए।
नगर क्षेत्र में चर्चा है कि यदि इसी तरह बोर्ड बैठकें राजनीतिक टकराव और गैर-जिम्मेदारी की भेंट चढ़ती रहीं, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डोईवाला नगर पालिका प्रशासन और सभासद इस पूरे घटनाक्रम से क्या सबक लेते हैं और आगे की बैठकों में विकास को प्राथमिकता देते हैं या नहीं।
यह घटना न केवल नगर पालिका की आंतरिक राजनीति को उजागर करती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और कर्तव्यनिष्ठा पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

गोपनीय बैठक से भड़की नगर पालिका की सियासत, भाजपा में गुटबाजी खुलकर आई सामने।

जॉली ग्रांट में भाजपा सभासद के कार्यालय में कांग्रेस सभासदों की एंट्री, बोर्ड की बैठक का किया बहिष्कार।

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला नगर पालिका की राजनीति में चल रहा घमासान अब खुली सियासी जंग में तब्दील होता नजर आ रहा है। बोर्ड बैठक के बहिष्कार से उपजे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के सभासद राकेश डोभाल के जॉली ग्रांट स्थित कार्यालय में हुई गोपनीय बैठक ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
इस बैठक में भाजपा के असंतुष्ट सभासदों के साथ भाजपा सभासद के कार्यालय में कांग्रेस के सभासदों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर भाजपा के भीतर दो गुटों में बंटने की तस्वीर साफ दिख रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की इस बैठक में भागीदारी ने अंदरखाने राजनीतिक सौदेबाजी के आरोपों को हवा दे दी है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बोर्ड बैठक में बड़ी संख्या में सभासदों की गैरहाजिरी कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित रणनीति का हिस्सा थी। अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या नगर पालिका में सत्ता संतुलन बदलने की पटकथा लिखी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की गुप्त बैठकों और गुटबाजी का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। आम जनता में भी नाराजगी है कि जनहित के मुद्दे पीछे छूट रहे हैं और सभासद राजनीतिक गणित साधने में लगे हुए हैं। नगर की सियासत फिलहाल सवालों के घेरे में है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के आसार हैं।

पत्रकारों की एंट्री से सियासी गोपनीयता बेनकाब, भाजपा सभासद राकेश डोभाल के कार्यालय में मची भगदड़।

भाजपा, कांग्रेस और सभासद प्रतिनिधि एक मंच पर, गोपनीय बैठक की खुली पोल सभासद रह गए भौचक्के।

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला में राजनीति की पर्देदारी उस वक्त खुलेआम सड़क पर आ गई, जब भाजपा सभासद राकेश डोभाल के कार्यालय में चल रही गोपनीय बैठक में अचानक पत्रकार पहुंच गए। इसके बाद जो नजारा दिखा, उसने “गोपनीयता” शब्द को ही व्यंग्य बना दिया।
बैठक में भाजपा और कांग्रेस सभासदों के साथ-साथ सभासद प्रतिनिधि भी मौजूद थे। सब कुछ शांत और गंभीर दिखाने की कोशिश चल ही रही थी कि तभी पत्रकारों की मौजूदगी ने पूरे माहौल को हिला दिया। कैमरे की आहट सुनते ही नेताओं के चेहरों का रंग उड़ गया—कोई इधर भागने लगे। थोड़ी देर बाद माहौल शांत हुआ और दुबारा बैठक में पहुंच गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बैठक इतनी ही सामान्य थी, तो पत्रकारों के पहुंचते ही भगदड़ क्यों मच गई? सवाल यह भी उठ रहा है कि जब अलग-अलग दलों के सभासद और प्रत्याशी एक ही कमरे में मौजूद थे, तो चर्चा किस एजेंडे पर चल रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने डोईवाला की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब यह बैठक कम और “कैमरा ” का लाइव प्रदर्शन ज्यादा मानी जा रही है। गोपनीयता की आड़ में चल रही सियासी गोटियां पत्रकारों की एक झलक भर से बिखर गई I

पालिका की बोर्ड की बैठक में भाजपा सभासद डॉ कल्पना नेगी राणा, प्रदीप नेगी, प्रियंका मनवाल, अरुण सोलंकी, निर्दलीय सभासद संदीप नेगी पहुंचे थे। और जौलीग्रांट स्थित भाजपा सभासद राकेश डोभाल के कार्यालय में चल रही गोपनीय बैठक में भाजपा सभासद राकेश डोभाल, राजेश भट्ट, अमित कुमार, सुंदर उर्फ सुरेंद्र लोधी, सुरेश सैनी, ईश्वर सिंह रोथान, विनीत राजपूत, सभासद प्रतिनिधि अनुज कुमार, प्रकाश कोठारी, कांग्रेस सभासद गौरव मल्होत्रा, कांग्रेस सभासद प्रतिनिधि अमित सैनी आदि मौजूद थे।

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