दशहरा मेला ग्राउंड के निर्माण कार्य के चलते कार्यक्रम हुआ स्थगित, लेकिन बच्चों ने बनाया रावण, खुशियों की नहीं रुकी परंपरा।
मेले की अनुपस्थिति में भी उत्सव की धूम, बच्चों ने घर-घर और मोहल्लों में सजाए रावण के पुतले।

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला मैं दशहरा मेला ग्राउंड के निर्माण कार्य के चलते इस साल डोईवाला में पारंपरिक दशहरा मेला आयोजित नहीं किया गया, लेकिन बच्चों ने उत्सव की खुशियों को खुद ही जीवंत बना दिया। मेले के न होने के बावजूद प्रेमनगर बाजार, मिल बाजार आदि क्षेत्रों के बच्चों ने अपनी रचनात्मकता दिखाते हुए घर-घर और मोहल्लों में रावण के पुतले बनाए और उन्हें सजाया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों ने लकड़ी, कागज और पुराने सामान से रावण के पुतले तैयार किए। उन्होंने पूरे मोहल्ले में इन पुतलों की सजावट कर उत्सव का माहौल बनाए रखा। बच्चों की इस पहल को देख बड़े भी प्रसन्न हुए और उन्होंने उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर माता-पिता और पड़ोसियों ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भले ही मेला नहीं हुआ, लेकिन परंपरा और उत्सव की भावना जीवित रही।
स्थानीय निवासी गोपाल गुप्ता और ने कहा मेले का आयोजन न होना मायूस करने वाला हो सकता था, लेकिन बच्चों ने अपने प्रयास से खुशी और उत्साह बनाए रखा।
डोईवाला में दशहरा का त्योहार बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की वजह से रंगीन और यादगार बना रहा।



