प्रशासन गांव की ओर से भोगपुर में बदली तस्वीर, शिविर में जनता को मिला त्वरित न्याय।
64 शिकायतों पर हुई सुनवाई, 890 ग्रामीणों को एक ही मंच पर मिलीं सरकारी सेवाएं।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शासन की योजनाओं को गांव की चौखट तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत भोगपुर गांव में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी। न्याय पंचायत रानीपोखरी-भोगपुर क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल भोगपुर में लगे शिविर में समस्याओं के समाधान के साथ-साथ योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।
उपजिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। शिविर के दौरान कुल 64 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा तय कर निर्देश दिए गए।
शिविर के माध्यम से कुल 890 ग्रामीणों को अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, पंचायती राज और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉलों पर ग्रामीणों की अच्छी खासी भीड़ रही।
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि प्रशासन गांव की ओर अभियान का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर करना है। इससे समय, पैसा और परेशानी—तीनों की बचत हो रही है।
जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तड़ियाल ने कहा कि गांवों में आयोजित शिविर आम लोगों के लिए विश्वास का मंच बन चुके हैं। सरकार की योजनाएं अब फाइलों से निकलकर सीधे जनता तक पहुंच रही हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 महिलाओं को महालक्ष्मी किट और 10 महिलाओं को बेबी किट वितरित की गईं। शिविर में यूसीसी के 9 पंजीकरण भी किए गए।
भोगपुर, गडूल, दाबड़ा, बड़कोट, लिस्ट्राबाद एवं बागी गांवों से आए ग्रामीणों ने भूमि, सड़क, पेयजल और विद्युत से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर अधिकारियों ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
उपस्थित रहे:
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, दर्जाधारी राज्य मंत्री मधु भट्ट, जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तड़ियाल, जिला उपाध्यक्ष विक्रम नेगी, रानीपोखरी ग्रांट प्रधान सुधीर रतूड़ी, प्रधान नीरज खड़का, दीक्षा भट्ट, स्वीटी रावत, अनिल कुमार, अरुणा भंडारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।



