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रामलीला भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो मर्यादा, सत्य और धर्म की देती है शिक्षा। डॉ निशंक

प्रभु श्रीराम की लीला समाज में संस्कारों की जड़ों को करती है मजबूत। सांसद तिवेंद्र सिंह रावत

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
श्रीरामलीला समिति डोईवाला द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में कुंभकरण वध, रावण वध और सुलोचना संवाद के प्रसंगों का भावनात्मक और भव्य मंचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत दीप प्रज्वलित कर रामलीला का शुभारंभ किया

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मंच पर कलाकारों ने भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध दृश्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कुंभकरण वध के प्रसंग में कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार प्रभु श्रीराम ने धर्म की रक्षा के लिए अधर्म पर विजय प्राप्त की।

मुख्य अतिथि डॉ. निशंक ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो मर्यादा, सत्य और धर्म की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन हर युग के लिए आदर्श है।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन समाज में संस्कारों की जड़ों को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हैं।

समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला मंचन में पारंपरिक भावों के साथ आधुनिक साज-सज्जा और प्रकाश व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि हर दृश्य का संदेश दर्शकों तक सजीव रूप में पहुंचे। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल,महासचिव करतार सिंह, ममता देवी, राजेश कुंवर, चतर सिंह, वीरेंद्र रावत, राजकुमार राज,दीपक नेगी, रणजीत सिंह गुसाई, जसवंत सिंह गुसाई, केंद्रपाल सिंह तोपवाल, सुमेर नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।

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