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ब्रह्मज्ञान के बिना मानव जीवन अधूरा है और ब्रह्मज्ञान ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य।

संत निरंकारी भवन गंगानगर में विशेष इंग्लिश मीडियम समागम हुआ संपन्न।

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डोईवाला ऋषिकेश (राजेंद्र वर्मा):
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से संत निरंकारी सत्संग भवन गंगा नगर ऋषिकेश में जोनल स्तरीय इंग्लिश मीडियम संत समागम का आयोजन किया गया।
मसूरी जोन के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह के सानिध्य में इस विशेष संत समागम में ऋषिकेश, देहरादून, विकास नगर, बालावाला, भोगपुर, हरिद्वार, रुड़की, चंबा, हल्दुखाता, नरेंद्र नगर, ज्वालापुर, तीमली, मसूरी, शाहपुरबेला, कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समागम में युवाओं ने अंग्रेजी भाषा के माध्यम से अपने विचार, कविताएं, भक्ति गीत और लघु नाटिका के माध्यम से मिशन के सिद्धांतों मानवता, प्रेम, और ब्रह्मज्ञान को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। युवाओं ने मंच से कहा कि ब्रह्मज्ञान के बिना मानव जीवन अधूरा है और ब्रह्मज्ञान ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है।
संत समागम में मुख्य अतिथि अनिता रतूड़ी ने अपने विचारों में कहा की निरंकारी मिशन एक ऐसा मंच प्रतीत हो रहा है जहां नौजवानों को बिना संसाधनों के भी मानवीय मूल्यों के साथ जोड़ने का सुंदर प्रयास किया जा रहा है।

समागम में गुड़गांव से सतगुरु का पावन संदेश लेकर पहुंची बहन नीलम अरोड़ा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के बाद ही इंसान सच्चे अर्थों में मानवीय एकता एवं सर्व समावेशी भावना को समझ पाता है। जात-पात, रंग-भाषा और अन्य भेद-भाव की दीवारें खुद-ब-खुद टूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों का जज्बा विपरीत परिस्थितियों पर भी विजय प्राप्त करने में सफल हो पाता है।
कहा कि ब्रह्मज्ञान के बाद ही अपने पराय का भेद समाप्त हो जाता और सभी मानव अपने ही लगने लगते हैं। ब्रह्मज्ञान के बाद ही इंसान अपने असली स्वरूप को पहचान कर परमात्मा से संबंध जोड़ सकता है।
कार्यक्रम का संचालन नौजवान संत मनीष गैरोला एवं रोशनी चावला ने किया।
कार्यक्रम में इंग्लिश मीडियम संगत के इंचार्ज विजेंद्र रतूड़ी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों का धन्यवाद प्रकट किया।

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