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भाजपा पालिका अध्यक्ष की मनमानी के खिलाफ भाजपा सभासदों का खुला विद्रोह, दूसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना।

अनिश्चितकालीन धरने का असर, नगर पालिका ने 7.50 करोड़ के विकास कार्यों की निविदा की जारी।

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बोर्ड प्रस्तावों को दरकिनार कर लिए जा रहे फैसलों से आक्रोश, पारदर्शी व्यवस्था बहाल होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

निर्दलीय प्रत्याशी संदीप नेगी बोले— जनहित के मुद्दों पर दबाव बना तो हरकत में आया प्रशासन

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
नगर क्षेत्र में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने का असर अब दिखाई देने लगा है। धरने पर बैठे निर्दलीय प्रत्याशी संदीप नेगी ने कहा कि आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन नगर पालिका प्रशासन ने 7.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी कर दी है।
सभासद संदीप नेगी ने बताया कि यह धरना नगर में विकास कार्यों में पारदर्शिता, लंबित योजनाओं को शुरू कराने और जनहित के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से विकास कार्यों को लेकर लापरवाही बरती जा रही थी, लेकिन जनदबाव बनने के बाद प्रशासन को कदम उठाने पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि निविदा जारी होना सकारात्मक पहल है, लेकिन धरने का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य कराना है। संदीप नेगी ने साफ किया कि जब तक सभी विकास योजनाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

डोईवाला – नगर पालिका में मनमानी, अपारदर्शिता और नियमों की अनदेखी और अस्वीकृत प्रस्ताव को स्वीकृत के विरोध में सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दूसरे दिन भी भाजपा सभासद अरुण सोलंकी, प्रदीप नेगी जेटली, कल्पना राणा, प्रियंका मनवाल और निर्दलीय सभासद संदीप नेगी पालिका कार्यालय परिसर में डटे रहे और पालिका अध्यक्ष के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला।
धरने पर बैठे सभासदों ने आरोप लगाया कि पालिका अध्यक्ष द्वारा बोर्ड बैठकों में पारित प्रस्तावों की अनदेखी कर अपने स्तर से निर्णय लिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों की स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है, जिससे नगर की जनता को सीधे नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सभासदों ने कहा कि नगर पालिका एक लोकतांत्रिक संस्था है, जहां सामूहिक निर्णय और नियमों के तहत काम होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में एकतरफा फैसलों से न केवल जनप्रतिनिधियों की गरिमा आहत हो रही है, बल्कि नगर का विकास भी बाधित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
धरना दे रहे सभासदों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए है। जब तक नगर पालिका में पारदर्शी कार्यप्रणाली लागू नहीं होती, बोर्ड की भूमिका को सम्मान नहीं दिया जाता और मनमानी पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं होगा।
सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और नगर की जनता को साथ लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

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