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भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर स्पष्ट नीति नहीं, संघर्ष समिति नाराज़।

एक इंच जमीन भी नहीं देंगे, लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन तेज।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तारीकरण को लेकर शनिवार को प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित ग्रामीणों के बीच हुई बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट नीति सामने न आने से बैठक बेनतीजा रही। अधिकारियों की अधूरी तैयारी और अस्पष्ट जवाबों के चलते ग्रामीणों में नाराज़गी साफ नजर आई।

अठूरवाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनजीत सजवान ने बैठक के बाद प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी आधी-अधूरी जानकारी के साथ बातचीत करने पहुंचे थे। भूमि के बदले भूमि देने की नीति और मुआवजे के स्वरूप पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा सका। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी भू-स्वामी की एक इंच जमीन भी जबरन नहीं दी जाएगी। यदि प्रभावित लोगों को न्यायसंगत और लिखित आश्वासन नहीं मिला तो संघर्ष समिति को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने माना कि एयरपोर्ट का विस्तारीकरण क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और जनसहमति के साथ ही आगे बढ़ेगी। गैरोला ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावितों को विश्वास में लेकर ही निर्णय लिया जाएगा। भूमि के बदले भूमि, सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा और अन्य विकल्पों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि नगरवासियों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ा हर फैसला पारदर्शिता के साथ और स्थानीय लोगों की सहमति से ही लिया जाएगा।

बैठक में सहमति न बनने के बाद अब मामले को लेकर उच्च स्तर पर दोबारा वार्ता की संभावना जताई जा रही है।

इस दौरान राकेश, लक्ष्मी, विमला, जगदीश, शिरा देवी, कमल, पंकज, बदल, अंजू, सविता, उत्तम, नरेंद्र सिंह, शोभा, रविंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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