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यूनिवर्सिटी में ताली योग सत्र, छात्रों ने महसूस की नई ऊर्जा और सकारात्मकता।

क्लैपिंग थेरेपी व ‘ॐ’कार ध्यान से प्रतिभागियों को मिला तनावमुक्त अनुभव।

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डोईवाला देहरादून (राजेंद्र वर्मा):
स्पर्श हिमालय यूनिवर्सिटी के प्राकृतिक चिकित्साशास्त्र एवं योग विज्ञान विभाग (बीएनवाईएस विभाग) द्वारा आयोजित ताली योग (क्लैपिंग थेरेपी) सत्र में छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, संकाय सदस्य और विभागाध्यक्ष भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. (प्रो.) नरेंद्र, विभागाध्यक्ष, रस बिहारी बोस शुभारती यूनिवर्सिटी, देहरादून ने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा आधारित गतिविधियाँ आज के समय में मानसिक तनाव को कम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मददगार हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए छात्रों के उत्साह और अनुशासन की प्रशंसा की।

सत्र का संचालन डॉ. आरती गौड़ ने किया। उन्होंने ताली योग के वैज्ञानिक आधार, इसके शारीरिक–मानसिक लाभ और चिकित्सा उपयोगिता को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि क्लैपिंग थेरेपी रक्त संचार बढ़ाने, तनाव दूर करने, एकाग्रता बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में प्रभावी है। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न अभ्यास कर ऊर्जावान अनुभव प्राप्त किया।

अंतिम चरण में डॉ. स्मृति द्वारा सामूहिक ‘ॐ’कार जप और ध्यान करवाया गया। उन्होंने ओंकार ध्वनि के मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरने वाले ध्यान का अनुभव कराया।

विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को स्वास्थ्य, योग और प्राकृतिक जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों का अनुशासन, उत्साह और सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही।

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