यूरेका फोर्ब्स में श्रमिक शोषण के खिलाफ आंदोलन तेज, दूसरे दिन भी जारी रहा धरना।
अधिकारियों के न पहुंचने पर संविदाकार श्रमिकों ने भूख हड़ताल की दी चेतावनी।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड कंपनी में श्रमिक शोषण के विरोध में संविदाकार श्रमिकों का धरना बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। दो दिन बीत जाने के बावजूद न तो कंपनी प्रबंधन और न ही श्रम विभाग अथवा प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी श्रमिकों की समस्याओं को सुनने मौके पर पहुंचा, जिससे आंदोलनरत श्रमिकों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
धरने पर बैठे श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है। वेतन विसंगतियां, सेवा संबंधी समस्याएं और श्रमिक अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं किया जा रहा। श्रमिकों का कहना है कि प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ा है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो श्रमिकों के परिजन भी आंदोलन में शामिल होंगे, जिससे आंदोलन और तेज रूप ले सकता है।
श्रमिक नेता पवन नेगी ने कहा कि श्रमिक अपनी वैध मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते अधिकारियों ने हस्तक्षेप नहीं किया तो आंदोलन को मजबूरन और उग्र रूप दिया जाएगा।
वहीं श्रमिक नेता विमल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में पैदल मार्च और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी यदि समाधान नहीं हुआ तो श्रमिक भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने पर विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।
धरना प्रदर्शन में ऋषि रावत, पवन कुमार, ममता देवी, संगीता देवी, कमला कोठियाल, चंद्र किशोर, संदीप चौहान, प्रकाश थापा, श्याम सिंह थापा, भूपेंद्र सिंह, बलदेव, विपिन नेगी, निखिल लिंगवाल, मोहित नेगी, विक्रम नेगी सहित बड़ी संख्या में संविदाकार श्रमिक मौजूद रहे।



