दो दिवसीय राज्य सम्मेलन का समापन, सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें।
डोईवाला में उत्तराखंड किसान सभा ने गन्ना मूल्य ₹500, एमएसपी की गारंटी और भूमि अधिकारों को लेकर प्रस्ताव पारित।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
उत्तराखंड किसान सभा का दो दिवसीय सातवां राज्य सम्मेलन डोईवाला ब्लॉक सभागार में विभिन्न प्रस्तावों पर गहन चर्चा के साथ सम्पन्न हो गया। सम्मेलन के समापन दिवस पर किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी गईं और आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया गया।
सम्मेलन के दूसरे दिन प्रदेश महामंत्री की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिस पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा करते हुए अपने विचार रखे। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महामंत्री बीजू कृष्णन, राष्ट्रीय पर्यवेक्षक प्रदीप कुमार तथा उत्तराखंड किसान सभा के प्रभारी पुष्पेंद्र त्यागी विशेष रूप से मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर अब निर्णायक संघर्ष की जरूरत है।
राज्य सम्मेलन में गन्ना मूल्य ₹500 प्रति कुंतल किए जाने, घंटतौली पर पूर्ण रोक लगाने, फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, ग्राम समाज की भूमि पर वर्षों से रह रहे लोगों को बिना विस्थापन मालिकाना हक देने तथा टोंगिया ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने जैसे प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों और खेत मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक किसान सभा का संघर्ष जारी रहेगा। संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और किसानों की आवाज को सड़कों से लेकर सदन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
सम्मेलन के समापन अवसर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए 25 सदस्यीय राज्य काउंसिल का गठन किया गया। सर्वसम्मति से शिवप्रसाद देवली को प्रदेश अध्यक्ष, भोपाल सिंह रावत को प्रदेश महामंत्री तथा सत प्रकाश को कोषाध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन की अध्यक्षता निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवान ने की।
कार्यक्रम में जाहिद अंजुम, हरबंस सिंह, मलकीत सिंह, जसवीर सिंह, अनूप कुमार, प्रेम सिंह पाल, पूरन सिंह, हरीश कुमार शर्मा, बलबीर सिंह बिंदा, गुरचरण सिंह, मोहम्मद असलम, अयूब हसन, मोहम्मद रिजवान, शमशाद अली सहित विभिन्न जिलों से करीब 100 प्रतिनिधि शामिल रहे।



