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रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की मांग ने पकड़ा जोर, (एसडीएम डोईवाला कार्यालय में सौंपा ज्ञापन, सरकार से की त्वरित कार्रवाई की मांग):

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
रानीपोखरी क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) की स्थापना को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है । प्रधान संगठन, न्याय पंचायत रानीपोखरी के नेतृत्व में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम डोईवाला कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड मे राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में की गई थी। इस दौरान विश्वविद्यालय के लिए भूमि पूजन भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक न तो निर्माण कार्य शुरू हो पाया है और न ही विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कोई ठोस प्रगति हुई है।

डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खुलने से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार और विकास को नई दिशा मिलती, लेकिन वर्षों से मामला लंबित रहने के कारण युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

रानी पोखरी प्रधान सुधीर रतूड़ी ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि जिन योजनाओं की घोषणा की जाती है, उन्हें धरातल पर भी उतारा जाए। विश्वविद्यालय का मामला गंभीर है और इसमें देरी युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।”

प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से संघर्ष कर रही है।
जिस भूमि पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थापित होना था, वह आज भी फाइलों में अटकी हुई है। प्रशासन और सरकार की उदासीनता से जनता में भारी आक्रोश है। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

ज्ञापन सौंपने वाले में लिस्टाबाद ग्राम प्रधान अनिल कुमार, रानीपोखरी ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी, दौलत पेटवाल, नरेंद्र सिंह चौहान, राजेश्वरी रावत, वसाधना बिष्ट, कविता नेगी, पिंकी पूर्व ग्राम प्रधान पंकज यादव, प्रकाश बिजलवाण, जगत राम पैन्यूली, रमेश नौटियाल, योगेश पुंडीर, नरेण दत्त भट्ट विनोद रावत आदि मौजूद रहे।

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