लंबे संघर्ष के बाद श्रमिकों को मिला अधिकार, यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड ने किया वैधानिक देयों का निपटारा।
उप श्रम आयुक्त की पहल से बनी सहमति, प्रभावित श्रमिकों को चेक के माध्यम से भुगतान।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
लालतप्पड़ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को निकाले जाने तथा श्रम कानूनों के अंतर्गत देय लाभ न दिए जाने के मामले में शनिवार को उप श्रम आयुक्त कार्यालय, देहरादून में श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद समाधान निकल आया।
वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन द्वारा संविदाकार के माध्यम से प्रभावित श्रमिकों को छंटनी मुआवजा, ग्रेच्युटी, नोटिस वेतन सहित अन्य वैधानिक देयों का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। इससे लंबे समय से संघर्ष कर रहे श्रमिकों को बड़ी राहत मिली।
श्रमिक नेता एवं सभासद संदीप सिंह नेगी ने इसे श्रमिकों की एकता और निरंतर संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक श्रमिकों की अनदेखी की गई, लेकिन उप श्रम आयुक्त के हस्तक्षेप से न्याय संभव हो सका और श्रमिकों को उनका हक मिला।
श्रमिक नेता पवन सिंह नेगी, विमल सिंह और ऋषिपाल रावत ने कहा कि श्रमिकों की एकजुटता के सामने कंपनी प्रबंधन को झुकना पड़ा। यह संघर्ष आने वाले समय में श्रमिक हितों की रक्षा का एक मजबूत उदाहरण बनेगा।
समाधान के बाद श्रमिकों ने सभासद एवं श्रमिक नेता संदीप नेगी सहित अन्य श्रमिक नेताओं का माल्यार्पण कर आभार जताया। साथ ही आंदोलन में सहयोग देने वाले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर पवन सिंह, विमल सिंह, निखिल लिंगवाल, मनीष राजपूत, नरेंद्र सिंह प्रधान, गुरदीप सिंह, प्रकाश थापा, चंद्र किशोर, ममता देवी, कमला देवी, भूपेंद्र सिंह, विपिन नेगी सहित अनेक श्रमिक उपस्थित रहे।



