करवा चौथ की कथाओं की गूंज, महिलाओं ने श्रद्धा से सुनी व्रत की महिमा।
कथा सुनते हुए महिलाओं ने जाना सौभाग्य और परंपरा का महत्व।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
करवा चौथ के अवसर पर क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक ढंग से कथा सुनकर व्रत की महिमा जानी। सोलह श्रृंगार से सजी सुहागिनें दोपहर बाद मंदिरों और घरों में एकत्र होकर करवा चौथ की कथा सुनी।
कथा के दौरान करवे को थाल में सजाकर रखा गया और विधि-विधान से पूजन किया गया और कथा में वीरमती की कहानी, चतुर्थी के महत्व और चंद्रमा को अर्ध्य अर्पित करने की परंपरा पर विशेष प्रकाश डाला गया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख नगीना रानी ने कहा कि करवा चौथ की कथा हमें त्याग और समर्पण का महत्व सिखाती है।कथा सुनकर लगता है कि हमारा व्रत सार्थक हो गया।
पूर्व सभासद बिमला वर्मा और दिव्या लोधी ने कहा कि कथा सुनते समय मन में असीम श्रद्धा और ऊर्जा का संचार होता है। ऐसा लगता है जैसे हर शब्द हमारे जीवन को नया अर्थ दे रहा हो।
अनीता गुप्ता ने कहा कि कथा पारिवारिक बंधन को और अधिक मजबूत बनाने का माध्यम है।नई पीढ़ी भी इससे जुड़कर अपनी संस्कृति को समझती है।
भावना ने बताया कि करवा चौथ की कथा हमारी आस्था की नींव है। इसे सुनकर विश्वास और धैर्य दोनों बढ़ जाते हैं।
कथा सुनने वालों में कविता गुप्ता, ज्योति महावर, रक्षा देवी, दीपा, सोमवती, निशा देवी, आशी, रीना,सुमन आदि महिला मौजूद रही।



