लालतप्पड़ में श्रमिक शोषण के खिलाफ धरना छठे दिन भी जारी, वार्ता न होने से रोष बढ़ा।
कंपनी प्रबंधन व प्रशासन की चुप्पी पर सवाल, आंदोलन की चेतावनी।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र की यूरेका फॉर्ब्स मे श्रमिक शोषण के विरोध में श्रमिकों का धरना सोमवार को छठे दिन भी जारी रहा। छठे दिन तक न तो कंपनी प्रबंधन और न ही शासन-प्रशासन के स्तर से वार्ता की कोई पहल होने पर श्रमिकों में गहरा रोष देखा गया। धरनास्थल पर श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनके हक पर चोट की जा रही है और संबंधित विभागों व अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न किया जाना कंपनी प्रबंधन की हठधर्मिता और मनमानी को मौन सहमति देने जैसा है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे अपने परिजनों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक करेंगे। उनका कहना है कि समस्याओं को अनदेखा करना न केवल श्रमिकों के साथ अन्याय है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और श्रम अधिकारों पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
सभासद एवं श्रमिक नेता संदीप सिंह नेगी ने कहा कि छठे दिन तक भी संबंधित विभागों द्वारा आगे न आना विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित और ठोस समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरने में श्रमिक नेता ऋषि रावत, पवन सिंह नेगी, विमल सिंह, विपिन नेगी, निखिल लिंगवाल, राजन, मनोज, मुकेश कुमार, प्रकाश, राहुल थापा, मोहित नेगी, चंद्र किशोर, शिव सिंह और मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।



