वंदेमातरम सिर्फ एक गाना नही है,बल्कि भारत के स्वतन्त्रता संग्राम की है आत्मा। प्रधानाचार्य
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के एक सौ पचास वर्ष पूरे होने पर विद्यालयो मे राष्ट्र गीत को गाकर मां भारती की स्तुति की गई।
शुक्रवार को पब्लिक इंटर कॉलेज मे राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के एक सौ पचास वर्ष पूरे होने पर विद्यालय परिवार के सदस्यो ने भारत माता के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर देश के अमर बलिदानियो को याद किया । प्रधानाचार्य अंकित डोबरियाल ने कहा कि वंदेमातरम सिर्फ एक गाना नही है,बल्कि भारत के स्वतन्त्रता संग्राम की आत्मा है। वरिष्ठ शिक्षक अश्वनी गुप्ता ने कहा कि वंदेमातरम गीत ने भारत के जनमानस मे आजादी पाने की ललक को पैदा किया था,इसके रचियता बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा 1870 के दशक मे इसको लिखा गया था। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक भुवनेश वर्मा, आलोक जोशी,ओमप्रकाश काला,रत्नेश द्विवेदी, विवेक बधानी,साक्षी सुंदरियाल, सुदेश सहगल, तेजवीर सिंह,राजीव कंडवाल, मयंक शर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।



