लच्छीवाला टोल प्लाजा पर भीषण दुर्घटना में दो की दर्दनाक मौत। ,,,,,,,टोल प्लाजा पर इत्तेफाकन हादसा या कुछ और…
सीसीटीवी समेत संदेहास्पद परिस्थितियों से उठ रहे कई सवाल ■ घटना से पहले मणिमाई मंदिर के पास खड़ा था डंपर
डंपर मालिक स्कॉर्पियो लेकर टोल प्लाजा पहुंचा।
घटना के बाद स्कॉर्पियो में बैठकर ही मौके से भागा आरोपी चालक।
देहरादून डोईवाला: लच्छीवाला टोल प्लाजा पर रेत से ओवरलोडेड डंपर ने जिस तरह घटना को अंजाम दिया और जिस तरह अनेक संदेहास्पद तथ्य सामने आ रहे हैं, वे कई सवालों को जन्म दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यही उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सिर्फ इतेफाकन हुआ हादसा ही या या कुछ और…? जो जानकारी सामने आ रही है वह भी काफी चौकाने वाली है।


पुलिस ने घटना की जो सीसीटीवी फुटेज जारी किया, उसमें साफ दिख रहा है कि उपर तेज रफ्तार से आते हुए बालक अचानक उसे लाल कार के पीछे लाकर टक्कर मार देता है। वह दाहिनी ओर टोल प्लाजा के लेन डिवाइडर के ऊपर ही कार को तब तक चपेट में लेकर दौड़ता है, जब तक वह पोल पर आकर पूरी तरह पिचक नहीं गई और उसमें सवार दोनों कोर्ट कर्मियों की मौत नहीं हो गई।
इस सीसीटीवी फुटेज से इतना तो स्पष्ट है कि अगर वाकई में डंपर के ब्रेक भी फेल हो गए थे, तो भी उसके पास कार से पहले ही दाहिनी ओर सड़क किनारे जंगल की ओर मोड़ने का पर्याप्त मौका था। यही नहीं, जिस तरह सीधे आ रहे डंपर को लेन में कार के पीछे की ओर काटा गया, उसके बजाय उसे पहले हो दाहिने ओर के लेन डिवाइडर पर चढ़ाकर कार को बचाया जा सकता है। लोगों के गले यह बात भी आसानी से नहीं उतर रही कि रेत से ओवरलोडेड और ओवरस्पीड डंपर आखिर पोल से कैसे रुक गया, जबकि ऐसे ओवरलोडेड भारी वाहन महून पोल से नहीं रुक सकता था और उसे तोड़ते हुए आगे निकल गया होता। इस मामले में एक और चौंकाने बाली जानकारी सामने आ रही है। टोल प्लाजा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, घटना से पूर्व डंपर (यूके 13 सीए 6636) का चालक निसारत अली (निवासी केदारबाला, विकासनगर) उपर को मणिमाई पर रोक कर कुछ देर खड़ा रहा।

Verma doi



