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विकसित भारत बनाने में एसआरएचयू की सशक्त भूमिका: एसीआईसी- एसआईआईसी की स्थापना।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) में एसीआईसी- एसआईआईसी का विधिवत उद्गाटन।

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विनय शंकर पांडेय, आईएएस, सचिव, उद्योग विभाग, उत्तराखंड सरकार ने किया औपचारिक उद्घाटन।

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रींट में एसीआईसी- एसआईआईसी (अटल कम्यूनिटी इनोवेशन सेंटर-एसआरएचयू इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर) का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि विनय शंकर पांडेय, आईएएस, सचिव, उद्योग विभाग ने कहा कि एसआरएचूय में नवाचार केंद्र की स्थापना विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में संस्थापित स्किल सेंटर में एसीआईसी- एसआईआईसी के नए भवन का उत्तराखंड सरकार के सचिव विनय शंकर पांडेय, आईएएस व एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना, कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल ने संयुक्त रुप से औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इनवोशेन सेंटर का निरीक्षण किया। अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
*युवा एसआरएचयू के मंच का लाभ उठाएं*
सचिव विनय शंकर पांडेय, आईएएस ने कहा कि आत्मनिर्भरता के बिना विकसित भारत की परिकल्पना संभव नहीं है और इसके लिए स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने राज्यभर के युवाओं से आह्वान किया कि वह एसआरएचयू द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे मंच का लाभ उठाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ें।

*समुदाय से जुड़कर ही स्टार्टअप होंगे सफल*
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए केवल व्यक्तिगत प्रयास पर्याप्त नहीं होते, बल्कि समुदाय (कम्यूनिटी) को साथ जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। एसआरएचयू स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार को बढ़ावा देगा और युवाओं को उद्यमिता के लिए सशक्त बनाएगा।

एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता की समझ विकसित करने पर भी निरंतर कार्य कर रहा है।
अटल इनोवेशन मिशन के कार्यक्रम निदेशक परमित दास ने कहा कि देशभर में नवाचार की संस्कृति को सशक्त किया जा रहा है। डॉ. अमजद हुसैन ने कहा कि हमारा उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन प्रदान करना तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है।
इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, स्टार्टअप प्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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