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देहरादून शहर का सीवरेज बना सुस्वा नदी के प्रदूषण और बीमारियों की बड़ी वजह, आस्था, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरा

कुंभ 2027 से पहले सुस्वा को स्वच्छ बनाने की तेज हुई मांग, अस्पतालों के अपशिष्ट और सीवरेज पर सख्त रोक जरूरी।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहर से निकलने वाला सीवरेज का दूषित पानी लगातार सुस्वा नदी को प्रदूषित कर रहा है। इससे न केवल नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और धार्मिक आस्थाओं पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सिमलास ग्रांट के पूर्व प्रधान उमेद बोरा ने कहा कि जनवरी 2027 में प्रस्तावित कुंभ पर्व के दृष्टिगत यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि सुस्वा नदी का जल सीधे हरिद्वार में गंगा नदी में प्रवाहित होता है। यदि समय रहते सुस्वा नदी के प्रदूषण पर रोक नहीं लगी, तो इसका सीधा असर गंगा की पवित्रता पर पड़ेगा, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्थाओं को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आयोजन से पहले समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने आरोप लगाया कि शहर के अस्पतालों से निकलने वाला गंदा पानी, मेडिकल अपशिष्ट और अन्य हानिकारक तत्व बिना किसी उपचार के सीधे सुस्वा नदी में डाले जा रहे हैं, जो पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे डेंगू, हैजा, टाइफाइड, पीलिया और त्वचा रोग जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि अस्पतालों और अन्य संस्थानों से नदी में गिरने वाले अपशिष्ट पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य तेजी से प्रगति पर है। अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय कर इसे जल्द प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा, ताकि सीवरेज और दूषित जल को उपचारित कर ही नदी में छोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए सरकार सुस्वा नदी की स्वच्छता को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ठोस कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुस्वा नदी केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवनयापन से जुड़ी हुई है। यदि समय रहते सीवरेज व्यवस्था और वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया, तो भविष्य में स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से कुंभ से पूर्व सुस्वा नदी की सफाई, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को प्रभावी बनाने और नियमित निगरानी की मांग की है।

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