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विश्व ऑप्टोमेट्री दिवस पर हिम्स जौलीग्रांट में जागरूकता कार्यक्रम। नाट्य प्रस्तुति से ऑप्टिशियन-ऑप्टोमेट्रिस्ट के अंतर और नियमित नेत्र जांच का दिया संदेश।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में विश्व ऑप्टोमेट्री दिवस के अवसर पर ऑप्टोमेट्री विभाग के विद्यार्थियों द्वारा एक नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को ऑप्टिशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट के बीच पेशेवर अंतर के बारे में जागरूक करना था।
सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह प्रभावी संदेश दिया कि ऑप्टिशियन के पास जाने से पहले आंखों की सही जांच कराना बेहद आवश्यक है। नाटक में नियमित नेत्र परीक्षण के महत्व को भी दर्शाया गया, जिससे दृष्टि सुधार में सहायता मिलती है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न पोस्टर और पंपलेट भी तैयार किए, जिन्हें प्रदर्शित और वितरित किया गया। प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माना ने कहा कि आंखें हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी देखभाल के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में सही जानकारी पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं और विद्यार्थियों का यह प्रयास सराहनीय है।
वहीं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हर्ष बहादुर ने कहा कि नियमित नेत्र जांच से कई गंभीर समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। लोगों को यह समझना होगा कि ऑप्टोमेट्रिस्ट द्वारा जांच कराना दृष्टि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट सुबोध गुप्ता ने कहा कि अक्सर लोग बिना उचित जांच के चश्मा बनवा लेते हैं, जिससे आंखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सही और समय पर की गई नेत्र जांच से न केवल दृष्टि में सुधार होता है, बल्कि आंखों से जुड़ी कई समस्याओं से भी बचाव किया जा सकता है। नीलम तिवारी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में उप-प्रधानाचार्य डॉ. अनुराधा कुसुम, डॉ. किरण भट्ट, डॉ. स्वीकृति, डॉली धस्माना, सुबोध गुप्ता, नीलम तिवारी और कविता आदि उपस्थित रहे।

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