शिलान्यास के छह साल बाद भी अधूरा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जनता के विश्वास से खिलवाड़। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय नहीं बना तो गढ़वाल के विकास के साथ होगा बड़ा अन्याय।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
रानीपोखरी के भट्ट नगरी क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय उत्तराखंड को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के छह साल बाद भी परियोजना का धरातल पर न उतरना जनता के लोकतांत्रिक विश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि अप्रैल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा इस राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया था। उस समय गढ़वाल की जनता ने इसे क्षेत्र के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना था, लेकिन छह वर्ष बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय भवन के निर्माण के लिए एक ईंट तक न लग पाना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सजवान ने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर का विधि विश्वविद्यालय स्थापित होता तो स्थानीय छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा के अवसर मिलते, साथ ही क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और आधारभूत ढांचे का भी तेजी से विकास होता। सरकार की उदासीनता के कारण गढ़वाल एक बड़े अवसर से वंचित होता जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रधान अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र विश्वविद्यालय निर्माण कार्य शुरू नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक व तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे गढ़वाल के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी,पूर्व जिलाध्यक्ष अश्वनी बहुगुणा, सागर मनवाल, पंकज यादव, अनिल कुमार, प्रकाश बिजलवान, दौलत राम, रविंद्र बिष्ट, राम रवि, अनीता राणा, लक्ष्मी देवी, मंजू चौहान, बबीता, जयेंद्र रमोला, रेखा बहुगुणा, महेंद्र भट्ट, करतार नेगी, चांद खान, पंचम मियां, मोहित कपरवान, नीरज त्यागी, निधि नेगी, राकेश अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।



