Blog

शेरगढ़ के वार्ड नंबर 7 में जंगली हाथियों ने किसानों की दर्जनों बीघा धान और गन्ने की फसलों को किया तहस नहस।

जंगल के किनारे ऊर्जा बाढ़ नहीं और ना ही कोई खोदी गई है खाई।

खबर को सुनें

डोईवाला 3 अगस्त (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत माजरी ग्रांट शेरगढ़ के वार्ड नंबर 7 में 3 दिन से लगातार देर रात को जंगली हाथियों के द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जंगली हथियो ने किसानों के खेतों में खड़ी हरी भरी गन्ने और धान की दर्जनों बीघा फसल को तहस नहस करके रख दिया। फसलों के नुकसान को लेकर किसानों में संबंधीत विभाग के अधिकारी के प्रति गहरा आक्रोश बना हुआ है। किसानों ने शासन प्रशासन से फसलों को जंगली जानवरों से बचाने और किसानों के फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Oplus_16777216
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह प्रिंस ने बताया कि माजरी ग्रांट शेरगढ़ के वार्ड नंबर 7 में 3 दिन से लगातार देर रात को जंगली हाथियों के द्वारा किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को तहस नहस किया जा रहा है। जंगली हाथियों ने किसान कुलदीप सिंह, सोहन सिंह और गुरमीत सिंह के खेतों में खड़ी दर्जनों बीघा गन्ने और धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि शेरगढ़ क्षेत्र लच्छीवाला रेंज व बड़कोट रेंज की सीमाओं से सटा हुआ है। जिसके चलते इन दोनों रेंज से हाथी लगातार आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचाते है। उन्होंने बताया कि तीन दिन से रात्रि में शेरगढ़ वार्ड नंबर सात में करीब हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर फसल को रौंदा डाला। उसके बाद हाथी पूरी रात उत्पात मचाते रहे। भाकियू के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र जंगल से सटे हुए हैं जंगली जानवर किसानों के खेतों में खड़ी हरी भरी फसलों को तहस नहस कर देते हैं जिसके चलते किसान आर्थिक और मानसिक रूप से गुजर रहा है। बावजूद इसके शासन प्रशासन किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जंगली हाथियों को रोकने के लिए ना तो ऊर्जा बढ़ लगाई गई है और ना ही गहरी खाई खोदी गई है। कहा कि वन विभाग इस मामले का संज्ञान लें और जल्द से जल्द प्रभावित किसानों इसका मुआवजा दें। और जंगली जानवरों को रोकने के लिए ठोस उपाय किया जाए अन्यथा किसान वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button