चक्रव्यूह भेदन के दृश्य ने दर्शकों को किया भावुक, चक्रव्यूह भेदन कार्यक्रम को देखने उमड़ा जन सैलाब।
अठूरवाला में पांडव लीला का भव्य मंचन, संस्कृति से जुड़ी नई पीढ़ी।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पौराणिक परंपराओं को सजीव रूप देते हुए अठूरवाला में पांडव लीला का भव्य आयोजन किया गया। अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति और उत्सव ग्रुप के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘पांडव नृत्य’ एवं ‘अभिमन्यु वध (चक्रव्यूह भेदन)’ का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को महाभारत काल की अनुभूति करा दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डोईवाला विधायक बृजभूषण किया I


पांडव पक्ष में युधिष्ठिर बने नंदन राना, अर्जुन की भूमिका में पवन पुरोहित, भीम के रूप में दिगंबर, सहदेव के रूप में निखिल भट्ट और नकुल बने श्याम सिंह ने प्रभावी अभिनय किया।
वहीं कौरव पक्ष में जयद्रथ की भूमिका दीपक डिमरी, दुर्योधन बने रिपुल वर्मा, दुशासन के रूप में शीशपाल रावत और शकुनी बने शैलेंद्र तिवारी के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम को देखने के लिए अठूरवाला सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति द्वारा किए जा रहे ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने के साथ ही समाज में भाईचारे, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।
इस भव्य मंचन के लिए चमोली जिले से आए लगभग 40 कलाकारों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन उत्तराखंड की पहचान हैं और इन्हें निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक ममता कुंवर ने सफल आयोजन के लिए सभी कलाकारों, समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन कर लोक संस्कृति को जीवित रखा जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट, जिला अध्यक्ष राजेंद्र तडियाल,पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता नयाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, नगर अध्यक्ष करतार नेगी, सभासद ईश्वर रोथान, सभासद प्रदीप नेगी, संदीप नेगी, अमित कुमार, राजेश भट्ट,राकेश डोभाल, अश्वनी, विक्रम नेगी, दीपक कुमार, रणवीर सिंह गुसाई, राजेश कुंवर, पुरुषोत्तम, संजय, जस्सू आदि के अलावा समिति सदस्य और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



