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सकट चौथ पर महिलाओं ने निभाई परंपरा, पूजा-पाठ से घरों में बना भक्तिमय माहौल।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
सकट चौथ के पावन अवसर पर नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने परंपराओं का पालन करते हुए व्रत और पूजा-पाठ किया। संतान की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और परिवार में शांति की कामना को लेकर महिलाओं ने दिनभर धार्मिक अनुष्ठान किए। सुबह से ही घरों में पूजा स्थलों को सजाया गया और सकट माता के साथ भगवान गणेश की आराधना की गई।
महिलाओं ने तिल, गुड़, लड्डू सहित पारंपरिक सामग्री से पूजा संपन्न की। शाम के समय चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया गया और विधि-विधान के साथ व्रत का पारण किया गया। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों व घरों में एक साथ पूजा होने से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
व्रत रखने वाली महिलाओं ने बताया कि सकट चौथ का पर्व मातृत्व, त्याग और आस्था का प्रतीक है।

कंचन गुप्ता ने कहा कि यह व्रत संतान के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की सुख-शांति के लिए किया जाता है।

चमेली देवी ने कहा कि सकट चौथ जैसे पर्व पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को मजबूत करते हैं।

विमला वर्मा ने कहा कि ऐसे व्रत-पर्व नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।

अनीता गुप्ता ने कहा कि सकट चौथ का पर्व परिवार में आपसी प्रेम, विश्वास और एकजुटता को बढ़ाता है।

सकट चौथ के अवसर पर महिलाओं ने श्रद्धा भाव के साथ व्रत संपन्न कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और विश्वास का वातावरण बना रहा।

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