सर्दियों में सिरदर्द बढ़ा रहा परेशानी, लापरवाही न पड़े भारी ठंड में गर्दन-कंधों की जकड़न से बढ़ता है सिर का दर्द।
फिजियोथेरेपी और सही खानपान से मिल सकती है राहत।
डोईवाला ऋषिकेश (राजेंद्र वर्मा):
सर्दियों के मौसम में सिरदर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ठंड के कारण गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में जकड़न आ जाती है, जिससे सिर में दर्द की शिकायत होने लगती है। लोग अक्सर इसे सामान्य ठंड मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है।
ऋषिकेश के न्यूरो-फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सिद्धार्थ कुडियाल का कहना है कि ठंड में शरीर का रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे सिर और गर्दन तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। इसके अलावा ठंडी हवा चेहरे और गर्दन की नसों को प्रभावित करती है। गलत पॉस्चर, मोबाइल का अधिक उपयोग, मानसिक तनाव और पानी की कमी भी सिरदर्द को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
फिजियोथेरेपी से मिलता है असरदार इलाज
डॉ. कुडियाल के अनुसार, फिजियोथेरेपी सिरदर्द के इलाज का सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। नियमित रूप से गर्दन को दाएं-बाएं झुकाने, ठुड्डी को छाती की ओर ले जाने और फिर सिर पीछे करने, कंधों को गोल घुमाने तथा गहरी सांस लेने से मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। इसके साथ ही गर्दन और कंधों पर 10 से 15 मिनट तक गर्म सिकाई करने से भी काफी राहत मिलती है।
खानपान में रखें सावधानी
सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म और हाइड्रेट रखना जरूरी है। गुनगुना पानी पीना, अदरक-तुलसी की चाय, हरी सब्जियां और ताजे फल लाभकारी होते हैं। केला, बादाम और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ नसों को मजबूत करते हैं। अधिक चाय-कॉफी और ठंडे पेय पदार्थों से बचना चाहिए।
जागरूकता है सबसे जरूरी
डॉ. सिद्धार्थ कुडियाल का कहना है कि सर्दियों में होने वाला सिरदर्द केवल मौसम की वजह से नहीं, बल्कि जीवनशैली से भी जुड़ा होता है। सही दिनचर्या, नियमित फिजियोथेरेपी और संतुलित खानपान अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।



