सौहार्द और साझी संस्कृति की मिसाल बनी ईद, डोईवाला में अमन के पैगाम के साथ मना ईद-उल-फितर।
इबादत, दुआ और आपसी मेल-जोल से सजी ईद की सुबह, जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का दिया संदेश।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला क्षेत्र में ईद-उल-फितर का पर्व सौहार्द, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल के रूप में सामने आया। महीने भर की इबादत और संयम के बाद ईद की सुबह लोगों के चेहरों पर सुकून और खुशी साफ नजर आई। ईदगाहों व मस्जिदों में अदा की गई नमाज के बाद दुआओं में देश की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे की कामना की गई।
सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। त्योहार ने यह संदेश दिया कि मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर खुशियां मनाना ही ईद की असली रूह है।
ईद के अवसर पर बच्चों और युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने ईदी पाकर खुशी जताई, वहीं परिवारों में सेवइयों और मिठाइयों से मेहमाननवाजी की गई। बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही और त्योहार की रौनक हर गली-मोहल्ले में दिखाई दी।
इमामों ने अपने संदेश में कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद, त्याग और इंसानियत का सबक भी सिखाती है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से आपसी भाईचारे को मजबूत करने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की अपील की।
त्योहार के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे नमाज और आवागमन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सोशल मीडिया पर भी ईद की खुशियां साझा होती रहीं, जहां लोगों ने संदेशों और तस्वीरों के जरिए एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
स्थानीय निवासी जाहिद अंजुम ने कहा कि ईद हमें यह सिखाती है कि खुशी तब पूरी होती है, जब उसे सबके साथ बांटा जाए। यह पर्व समाज में प्रेम, बराबरी और इंसानियत की भावना को और मजबूत करता है। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी, नगर अध्यक्ष करतार सिंह नेगी, फुरकान अहमद कुरैशी, अब्दुल रज्जाक, हाजी मीर हसन, याकूब अली,रियासत अली,साकिर हुसैन, आसिफ अली, जावेद हुसैन, ग्राम प्रधान परविंदर सिंह, रणजीत सिंह बॉबी,रहमान अली आदि ने ईद की शुभकामनाएं दी।



