नगर पालिका की तानाशाही के खिलाफ भाजपा सभासदों ने खोला मोर्चा, आज से पालिका कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
अध्यक्ष पर एकतरफा फैसले लेने और बोर्ड को निष्प्रभावी करने का आरोप, जनहित कार्य ठप।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
भाजपा के पालिका अध्यक्ष की तानाशाही और एकतरफा कार्यशैली के विरोध में भाजपा सभासदों ने खुला मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार से नगर पालिका कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया, जिससे स्थानीय राजनीति में उबाल आ गया है।
धरने पर बैठे भाजपा और निर्दलीय सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष बोर्ड बैठकों में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों को जानबूझकर दरकिनार कर रहे हैं और अपने स्तर से निर्णय थोपे जा रहे हैं। इससे न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है, बल्कि नगर के विकास कार्य भी पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा सभासद प्रदीप नेगी ने कहा कि अध्यक्ष की हठधर्मिता के कारण सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव महीनों से लंबित हैं। जनता समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन अध्यक्ष को जनहित से अधिक सत्ता प्रदर्शन की चिंता है।
भाजपा सभासद अरुण सोलंकी ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठकों को सिर्फ औपचारिकता बना दिया गया है। प्रस्ताव पारित होने के बाद भी उन पर अमल नहीं किया जाता, जिससे यह साफ होता है कि अध्यक्ष जानबूझकर बोर्ड की गरिमा को खत्म कर रहे हैं।
भाजपा सभासद प्रियंका मनवाल ने कहा कि महिला सभासदों की बातों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता। अध्यक्ष का रवैया संवादहीन और अहंकारी है, जिससे नगर की विकास गति थम गई है।
सभासदों ने दो टूक कहा कि जब तक पालिका अध्यक्ष अपनी तानाशाही कार्यशैली नहीं छोड़ते, बोर्ड के निर्णयों का सम्मान नहीं करते और लंबित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने से नगर पालिका परिसर दिनभर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा।
इस मौके पर नगर क्षेत्र दर्जनों युवाओं ने जनहित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर धरने पे बैठे सभासदों के समर्थन के धरने को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर हिमांशु राणा, विनीत मनवाल भी मौजूद रहे।



