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हिम्स जौलीग्रांट की डॉ. पारुल आईएसए की राष्ट्रीय गवर्निंग काउंसिल सदस्य निर्वाचित।

उत्तर भारत की पहली महिला एनेस्थीसियोलॉजिस्ट को राष्ट्रीय सम्मान।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
हिमाहिम्सलयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट की डॉ. पारुल जिंदल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें 50,000 सदस्यों वाले देश के प्रतिष्ठित संगठन इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट्स (आईएसए) के राष्ट्रीय गवर्निंग काउंसिल सदस्य के रूप में चुना गया है।

*उत्तर भारत से पहली महिला एनेस्थिसियोलॉजिस्ट*

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की डॉ. पारूल जिंदल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उत्तर भारत की पहली महिला एनेस्थिसियोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला है। यह राष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुभव और एनेस्थिसियोलॉजी (निश्चेतना विज्ञान) के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को दर्शाता है। इससे देश भर के मंचों पर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शिक्षकों के बढ़ते प्रभाव का भी पता चलता है। उन्होंने 30 नवंबर को रायपुर (छत्तीसगढ़) में आायेजित कार्यक्रम में शपथ ग्रहण करने के बाद पदभार ग्रहण किया।

*पूर्व में भी रह चुकी हैं प्रतिष्ठित पदों पर*
डॉ. जिंदल ने देहरादून सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स की अध्यक्ष और उत्तराखंड सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स की राज्य अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने डॉ. पारुल जिंदल को यह उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह गौरवपूर्ण निर्वाचन विशेष रूप से महिला एनेस्थीसियोलॉजिस्टों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है और स्वास्थ्य सेवा मानकों को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है।

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