सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कर रही है प्रयास। विधायक
खेती को लाभकारी बनाने के लिए ट्रैक्टर और ट्यूबवेल जैसी आवश्यक कृषि मशीनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। चौधरी
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
माजरी ग्रांट कुश्ती ग्राउंड पर आयोजित गोष्ठी कृषि विभाग देहरादून की और से आतमा परियोजना के अंतर्गत खरीफ गोष्ठी का आयोजन माजरी ग्रांट कुश्ती ग्राउंड में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने की।
गोष्ठी में उद्यान विभाग रेशम विभाग मत्स्य पालन विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने किसानों और ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं और लाभकारी कृषि तकनीकों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व कृषि अधिकारी डी.एस. असवाल ने कहां कि समय-समय पर मिट्टी की जांच करते रहना चाहिए I कार्यक्रम के दौरान समूह को कृषि यंत्र भी बांटे गए।
इस मौके पर विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से खाद, बीज, कृषि यंत्र और सिंचाई साधनों पर अनुदान दिया जा रहा है। गैरोला ने किसानों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और कृषि में नई तकनीकों को अपनाएँ।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने प्रयास करें। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए ट्रैक्टर और ट्यूबवेल जैसी आवश्यक कृषि मशीनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही खाद, बीज और सिंचाई साधन समय पर किसानों तक पहुँचने चाहिए।
चौधरी ने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सही मायने में मिलेगा, जब ये सभी गांव और किसानों तक प्रभावी रूप से पहुँचें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कार्यक्रमों में किसानों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से पूरी तरह लाभान्वित हो सकें। कार्यक्रम में कृषि एवं भू संरक्षण अधिकारी अशोक गिरी, कृषि वैज्ञानिक ढकरानी संजय राठी कृषि विकासखंड अधिकारी अजय टम्टा, सहायक कृषि अधिकारी प्रियंका थपलियाल, सोनिका चौहान, माजरी ग्रांट प्रधान निशा देवी, मंडल अध्यक्ष रश्मि देवी, विजय कुमार संजय बर्थवाल, उद्यान विभाग अधिकारी श्वेता चौहान, मत्स्य विभाग अधिकारी संजय सिंह, रेशम विभाग अधिकारी रमेश सिंह धनाई, राजकुमार राज, चंद्रभान पाल के अलावा विभागीय कर्मचारी, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।



