दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा: प्रासंगिकता और चुनौतियां।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोईवाला में अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 7 एवं 8 अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला उपस्थित रहे। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा: प्रासंगिकता और चुनौतियां’ थीं ।विषय के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो मनमोहन कृष्ण, अर्थ शास्त्र विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयाग राज द्वारा की गई। उद्घाटन सत्र के अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सी.बी.सिंह, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एस. पी.सिंह मुख्य वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डीपी भट्ट द्वारा उद्घाटन अवसर पर उपस्थित सभी मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्य विद्वानों का स्वागत करते किया । अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से पूर्व हरिद्वार सांसद माननीय श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं विधायक डोईवाला श्री बृजभूषण गैरोला द्वारा महाविद्यालय को 25 किलो वाट का जनरेटर का उद्घाटन किया । तथा महाविद्यालय को अर्पित किया । माननीय विधायक द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए 200 कुर्सी एवं मेज प्रदान की गई । महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा माननीय सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत,विधायक डोईवाला श्री ब्रिज भूषण गैरोला का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अपने मुख्य उद्बोधन में मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनमोहन कृष्ण ने बताया कि भारतीय शब्द 1947 के पश्चात बने भारत राष्ट्र के लिए ही संबोधित नहीं किया जाता बल्कि भारतीय भूभाग में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भूटान, बांग्लादेश सभी शामिल हैं इसकी सम्मिलित तीन चार हजार वर्ष पुरानी परंपरा को भारतीय परंपरा कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली तमाम झंझावातों के बावजूद सुरक्षित है लेकिन उसकी परंपरा कहीं ना कहीं पश्चिमीकरण के कारण खो रही है जिसे बचाना आज के समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एसपी सिंह ने आधुनिक भारत के समक्ष उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों की चर्चा करते हुए समावेशी विकास को समय की आवश्यकता बताया और कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास का समन्वय करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सी. बी.सिंह ने अपने उद्बोधन में न्यू एजुकेशन पॉलिसी और उसकी मल्टीडिसीप्लिनरी अप्रोच के बारे में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के गोपेश्वर कैंपस के शिक्षा संकाय विभाग के प्रोफेसर अमित जायसवाल द्वारा विस्तार से भारतीय ज्ञान परंपरा एवं उसकी प्रासंगिकता को बताते हुए आधुनिक विश्व के समक्ष उत्पन्न चुनौतियां का समाधान भारतीय ज्ञान परंपरा को बताया गया। उद्घाटन सत्र के अवसर पर सेमिनार के संयोजक डॉ.एस के लाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा और उसकी प्रासंगिकता विषय पर आयोजित सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ राखी पंचोला द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के अंत में अर्थशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ राकेश भट्ट द्वारा सभी अतिथियों रिसर्च स्कॉलर्स और आगंतुकों का धन्यवाद किया फिर किया गया । इस सेमिनार में कल 8 अक्टूबर को विभिन्न उपशीर्षकों के अंतर्गत एक साथ चार कक्षों में विभिन्न शोधकर्ता अपने-अपने शोध को प्रस्तुत करेंगे।



