रामलीला महोत्सव का भव्य आगाज़, मंचन में दिखा संस्कृति आस्था और कला का संगम।
कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने जीता दर्शकों का मन, 9 दिनों तक चलेगा दिव्य रामचरित का प्रसंग।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
श्री आदर्श रामलीला समिति बड़ासी ग्रांट द्वारा आयोजित सातवां रामलीला महोत्सव गुरुवार रात आरंभ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन कर ग्राम प्रधान राहुल मनवाल और पूर्व प्रधान नितिन रावत ने उद्घाटन किया।
रामलीला के प्रथम दिन में मंचित सरवन कुमार लीला, कैलाश लीला, राम जन्म, विश्वामित्र यज्ञ भंग, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पात्रों के संवाद, अभिनय और भावाभिव्यक्ति ने लीला को वास्तविकता के अत्यंत करीब पहुंचाया।
ग्राम प्रधान राहुल मनवाल ने कहा कि रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की जीवित परंपरा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना जरूरी है।
पूर्व प्रधान नितिन रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं और सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।
समिति संरक्षण एवं निर्देशक दयाल सिंह सोलंकी और समिति अध्यक्ष दिनेश चुनारा ने बताया कि इस वर्ष मंचन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पात्रों के प्रशिक्षण, वेशभूषा और तकनीकी पक्षों पर विशेष ध्यान दिया गया है। कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हर दर्शक रामलीला के प्रत्येक दृश्य में भक्ति और मर्यादा का सच्चा अनुभव कर सके।
कार्यक्रम में नीरज रावत, पूरण सिंह, रेनू चुनारा, सवेश कुमार, धीरेन्द्र आर्य, सोहन लाल, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, सुरजीत सिंह, सुमेर चंद, अंजू चुनारा, राजबाला, आरती, योगेश कुमार, विक्की, अभिषेक, गिरीश भारती, रवि भारती आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।



