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रावण वध के जयघोषों के बीच राम लौटे सीता सहित अयोध्या।

कुंभकरण, मेघनाथ और रावण वध का भव्य मंचन, मुख्य अतिथियों नेगी और राणा ने दीप प्रज्वलित कर दी सांस्कृतिक संरक्षण की प्रेरणा।

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
आदर्श रामलीला समिति बड़ासी ग्रांट में आयोजित वार्षिक रामलीला महोत्सव का आठवां दिन रोमांच और श्रद्धा से भर गया। राम–रावण युद्ध के चरम दृश्य के साथ जैसे ही राम ने रावण का वध किया, पूरा मैदान “जय श्री राम” के जयघोषों से गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता सूरत सिंह नेगी और सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर राणा द्वारा दीप प्रज्वलन तथा प्रभु श्रीराम की आरती के साथ हुई।
मुख्य अतिथि नेगी ने कहा कि रामलीला हमारी संस्कृति की आत्मा है, जो मर्यादा, सत्य और धर्म के मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखती है। वहीं राणा ने कहा कि बड़ासी ग्रांट की रामलीला सामाजिक एकता और पारंपरिक समर्पण की मिसाल है, जिसे कलाकारों की मेहनत ने विशिष्ट पहचान दी है।

मंचन की शुरुआत कुंभकरण वध से हुई, जिसमें विशालकाय रूप, युद्ध ध्वनियाँ और प्रकाश सज्जा ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके बाद प्रस्तुत मेघनाथ वध दृश्य ने मायावी शक्तियों, युद्ध कला और कलाकारों की शानदार अभिव्यक्ति से दर्शकों की खूब प्रशंसा बटोरी।

सबसे प्रतीक्षित दृश्य रावण वध रहा। दस सिरों की प्रभावशाली प्रस्तुति और राम के विजयबाण के क्षण ने पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। मंचन के दौरान दर्शक लगातार “जय श्री राम” के उद्घोष करते रहे।

अंत में प्रभु श्रीराम का सीता सहित अयोध्या लौटना दर्शाया गया, जिसे देखकर दर्शक भक्ति, शांति और आनंद से भाव-विभोर हो उठे।

कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष दिनेश चुनारा, देवानंद मैठानी, रेनू चुनारा, योगेश कुमार, सर्वेश कुमार, धीरेंद्र आर्य, सुमन लाल, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, सुरजीत सिंह, सुमेरचंद, अंजू चुनारा, राजबाला, आरती, विक्की, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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