गलत नाप–जोक का आरोप, 9 और परिवारों को प्रभावित सूची में जोड़ने व सर्किल रेट बढ़ाने की मांग।
अठूरवाला भूमि विवाद में प्रशासन घिरा, ग्रामीणों का भरोसा टूटा।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच खींचतान लगातार गहराती जा रही है। नाप–जोक प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर गंभीर सवाल उठाते ग्रामीणों का धरना मंगलवार को लगातार 24वें दिन भी जारी रहा। कड़कड़ाती ठंड के बीच ग्रामीणों ने साफ कहा कि गलत माप से न तो जमीन दी जाएगी और न ही कोई सौदेबाज़ी मानी जाएगी।
समिति अध्यक्ष मनजीत सिंह सजवान ने आरोप लगाया कि विभागीय टीम केवल औपचारिकता निभा रही है। कहा कि मौके पर पहुँची टीम ने तकनीकी मानकों के अनुरूप सटीक नाप नहीं ली, जिससे पूरा माप–जोक संदेह के घेरे में है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक जमीन की वास्तविक सीमा और वैज्ञानिक माप स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक कोई भी वार्ता संभव नहीं है। सजवान ने चेतावनी दी— “गलत माप के आधार पर ग्रामीणों के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।”
ग्रामीणों ने 9 और परिवारों को प्रभावित श्रेणी में शामिल करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि जिनकी जमीन अधिग्रहण क्षेत्र में आ रही है, उन्हें सूची से बाहर रखना सीधी अन्यायपूर्ण कार्रवाई है। साथ ही ग्रामीणों ने सर्किल रेट में संशोधन कर उसे वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप करने की मांग उठाई है, ताकि मुआवजा पारदर्शी और न्यायसंगत तय हो सके।
धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं और सीमांकन की प्रक्रिया भी भरोसा नहीं जगा पा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि नाप–जोक सही तरीके से नहीं कराई गई और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तीखा किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में अमित सजवान, गौरव सिंह चौहान, कमल सिंह, रविंद्र सिंह सजवान, सुशीला सजवान, सिरा सजवान, युद्धवीर सिंह, पुष्पा राणा, बबीता, दयाल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



