30 वें दिन भी अठूरवाला में टिका आंदोलन, कहा— तथ्य छुपाना समाधान नहीं।
सरकार की “चुप्पी” और “अधूरी जानकारी” ने पूरे क्षेत्र में अविश्वास का बना दिया माहौल। सजवाण
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला एयरपोर्ट विस्तारीकरण से जुड़ी सूचनाओं में लगातार हो रही देरी ने ग्रामीणों की चिंता को और गहरा कर दिया है। बुधवार को अठूरवाला समिति का धरना 30 वें दिन भी बदस्तूर जारी रहा। लोगों का कहना है कि सरकार की “चुप्पी” और “अधूरी जानकारी” ने पूरे क्षेत्र में अविश्वास का माहौल बना दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार–बार मांग करने के बावजूद न तो विस्तारीकरण का वास्तविक खाका सामने रखा गया और न ही भूमि प्रभावित परिवारों के लिए कोई ठोस व्यवस्था बताई गई। प्रभावितों का कहना है कि बिना सही जानकारी के किसी भी बड़े निर्णय को स्वीकार करना संभव नहीं है।
समिति अध्यक्ष मनजीत सजवाण का कहना है कि सरकार यदि योजनाओं पर विश्वास चाहती है तो पहले ग्रामीणों के सामने वास्तविक तथ्य लाए। उन्होंने कहा, “हम विकास में बाधा नहीं हैं; लेकिन बिना पारदर्शिता के कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट जनता पर थोपा नहीं जा सकता।”
समिति सदस्य ध्यान सिंह सजवाण ने प्रशासन पर आधे-अधूरे संवाद का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बैठकें तो होती हैं, पर उनमें न नीतियां साफ होती हैं, न मुआवजा तय। “डर और भ्रम को दूर किए बिना क्षेत्र में शांति नहीं आ सकती,” उन्होंने कहा।
धरनास्थल पर ग्रामीणों ने दोहराया कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण निश्चित रूप से क्षेत्र के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, लेकिन इसके साथ लोगों की जमीन, रोज़गार और बसावट भी दांव पर है। इसलिए सरकार को जल्द स्पष्ट रोडमैप जारी कर भरोसा बहाल करना चाहिए।
धरने में सिरा देवी, रेखा, बबीता, हुकम सिंह पवार, ममता देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



